अन्वयः
रामेण by Rama, एवम् in that way, उक्तः spoken, महामुनिः great sage, भरद्वाजः Bharadwaja, प्रहृष्टवत् delighted, स्मितपूर्वम् smiling look, रघुश्रेष्ठम् supreme of Raghus, प्रत्युवाच replied
Summary
When Rama had spoken that way to the great sage, Bharadwaja was delighted and with a smiling look replied.
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस्तु | उक्त (√वच् + क्त, १.१)–तु (अव्ययः) |
| रामेण | राम (३.१) |
| भरद्वाजो | भरद्वाज (१.१) |
| महामुनिः | महत्–मुनि (१.१) |
| प्रत्युवाच | प्रत्युवाच (√प्रति-वच् लिट् प्र.पु. एक.) |
| रघुश्रेष्ठं | रघु–श्रेष्ठ (२.१) |
| स्मितपूर्वं | स्मित–पूर्वम् (अव्ययः) |
| प्रहृष्टवत् | प्रहृष्ट (√प्र-हृष् + क्त)–वत् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त | स्तु | रा | मे | ण |
| भ | र | द्वा | जो | म | हा | मु | निः |
| प्र | त्यु | वा | च | र | घु | श्रे | ष्ठं |
| स्मि | त | पू | र्वं | प्र | हृ | ष्ट | वत् |