अन्वयः
बहूनि many, वर्षाणि years, सुमहत् great, वनम् forest, गतस्य living, ममनाधस्य my Lord, प्रीतिकरम् returning, कीर्तनम् news, अहम् I, शृणोमिनाम hearing his name
M N Dutt
I hear the tidings of my brother affording me great delight who has been living in the huge forest for many a year.
Summary
"I am hearing the good news of my Lord returning from the forest, who was living in the great forest for many years."
पदच्छेदः
| बहूनि | बहु (१.३) |
| नाम | नाम (अव्ययः) |
| वर्षाणि | वर्ष (१.३) |
| गतस्य | गत (√गम् + क्त, ६.१) |
| सुमहद् | सु (अव्ययः)–महत् (२.१) |
| वनम् | वन (२.१) |
| शृणोम्यहं | शृणोमि (√श्रु लट् उ.पु. )–मद् (१.१) |
| प्रीतिकरं | प्रीति–कर (२.१) |
| मम | मद् (६.१) |
| नाथस्य | नाथ (६.१) |
| कीर्तनम् | कीर्तन (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ब | हू | नि | ना | म | व | र्षा | णि |
| ग | त | स्य | सु | म | ह | द्व | नम् |
| शृ | णो | म्य | हं | प्री | ति | क | रं |
| म | म | ना | थ | स्य | की | र्त | नम् |