पदच्छेदः
| चित्रकूटं | चित्रकूट (२.१) |
| गिरिं | गिरि (२.१) |
| गत्वा | गत्वा (√गम् + क्त्वा) |
| राज्येनामित्रकर्शनः | राज्य (३.१)–अमित्र–कर्शन (१.१) |
| निमन्त्रितस्त्वया | निमन्त्रित (√नि-मन्त्रय् + क्त, १.१)–त्वद् (३.१) |
| भ्राता | भ्रातृ (१.१) |
| धर्मम् | धर्म (२.१) |
| आचरता | आचरत् (√आ-चर् + शतृ, ३.१) |
| सताम् | सत् (६.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| चि | त्र | कू | टं | गि | रिं | ग | त्वा |
| रा | ज्ये | ना | मि | त्र | क | र्श | नः |
| नि | म | न्त्रि | त | स्त्व | या | भ्रा | ता |
| ध | र्म | मा | च | रि | ता | स | ताम् |