अन्वयः
ततविमानम् that Pushpaka, आरोपितः lifted on, सत्यविक्रमः unfailing valour, भरतः Bharata, रामम् Rama, आसाद्य reached, पुनरेव once again, अभ्यवादयत् greeted
M N Dutt
Ascending that car, Bharata, having truth for his prowess, reaching Rāma, delighted, again bowed to him.
Summary
Bharata of unfailing valour duly permitted to ascend Pushpaka by Sri Rama, reached Rama and once again offered salutations to Rama.
पदच्छेदः
| आरोपितो | आरोपित (√आ-रोपय् + क्त, १.१) |
| विमानं | विमान (२.१) |
| तद् | तद् (२.१) |
| भरतः | भरत (१.१) |
| सत्यविक्रमः | सत्य–विक्रम (१.१) |
| रामम् | राम (२.१) |
| आसाद्य | आसाद्य (√आ-सादय् + ल्यप्) |
| मुदितः | मुदित (√मुद् + क्त, १.१) |
| पुनर् | पुनर् (अव्ययः) |
| एवाभ्यवादयत् | एव (अव्ययः)–अभ्यवादयत् (√अभि-वादय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| आ | रो | पि | तो | वि | मा | नं | त |
| द्भ | र | तः | स | त्य | वि | क्र | मः |
| रा | म | मा | सा | द्य | मु | दि | तः |
| पु | न | रे | वा | भ्य | वा | द | यत् |