अन्वयः
अथ and then, भरतः Bharata, विभीषणं च Vibheeshana, सान्त्ववाक्यम् good word, अब्रवीत् spoke, दिष्ट्या luckily, सहायेन help, त्वया by you, सुदुष्करम् very difficult, कर्म task, कृतम् was done
M N Dutt
Bharata then addressed Vibhiṣaṇa with soothing words, “It is by fortune that through your help he has accomplished such a difficult work."
Summary
And then Bharata spoke this good word. "Luckily with your help, the very difficult task was done."
पदच्छेदः
| विभीषणं | विभीषण (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| भरतः | भरत (१.१) |
| सान्त्वयन् | सान्त्वयत् (√सान्त्वय् + शतृ, १.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
| दिष्ट्या | दिष्टि (३.१) |
| त्वया | त्वद् (३.१) |
| सहायेन | सहाय (३.१) |
| कृतं | कृत (√कृ + क्त, १.१) |
| कर्म | कर्मन् (१.१) |
| सुदुष्करम् | सु (अव्ययः)–दुष्कर (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | भी | ष | णं | च | भ | र | तः |
| सा | न्त्व | य | न्वा | क्य | म | ब्र | वीत् |
| दि | ष्ट्या | त्व | या | स | हा | ये | न |
| कृ | तं | क | र्म | सु | दु | ष्क | रम् |