अन्वयः
परवीरहा destroyer of enemies, शत्रुघ्नः Shatrughna, भरतस्य Bharata's, वचः words, श्रुत्वा hearing, अनेकसाहस्रीः many courageous, विष्टीः labour, भागशः divisions, चोदयामास be also called
Summary
Shatrughna, a destroyer of enemies, hearing the words of Bharata, ordered for many divisions of labour and the courageous ones to come.
पदच्छेदः
| भरतस्य | भरत (६.१) |
| वचः | वचस् (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| शत्रुघ्नः | शत्रुघ्न (१.१) |
| परवीरहा | पर–वीर–हन् (१.१) |
| विष्टीर् | विष्टि (२.३) |
| अनेकसाहस्रीश्चोदयामास | अनेक–साहस्र (२.३)–चोदयामास (√चोदय् प्र.पु. एक.) |
| वीर्यवान् | वीर्यवत् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| भ | र | त | स्य | व | चः | श्रु | त्वा |
| श | त्रु | घ्नः | प | र | वी | र | हा |
| वि | ष्टी | र | ने | क | सा | ह | स्री |
| श्चो | द | या | मा | स | वी | र्य | वान् |