अन्वयः
प्लवगेश्वरः king of (leaping) Vanaras, सुग्रीवः Sugriva, रामस्य: Rama's, वचः words, श्रुत्वा: having heard, सौहार्देन: lovingly, प्रचोदितः inciting, काकुत्स्थम् Rama of Kakuthsa race, प्रत्यभाषत: replied.
M N Dutt
Hearing the words of Rāma, Sugriva, the lords of those who go bounding, over-flowing with friendliness, bespake Kākutstha.
Summary
Having heard the inciting words spoken by Rama so lovingly, the king of Vanaras replied.
पदच्छेदः
| रामस्य | राम (६.१) |
| वचनं | वचन (२.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| सुग्रीवः | सुग्रीव (१.१) |
| प्लवगेश्वरः | प्लवग–ईश्वर (१.१) |
| प्रत्यभाषत | प्रत्यभाषत (√प्रति-भाष् लङ् प्र.पु. एक.) |
| काकुत्स्थं | काकुत्स्थ (२.१) |
| सौहार्देनाभिचोदितः | सौहार्द (३.१)–अभिचोदित (√अभि-चोदय् + क्त, १.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | म | स्य | व | च | नं | श्रु | त्वा |
| सु | ग्री | वः | प्ल | व | गे | श्व | रः |
| प्र | त्य | भा | ष | त | का | कु | त्स्थं |
| सौ | हा | र्दे | ना | भि | चो | दि | तः |