अन्वयः
अथ: and then, विपश्चिता: learned, राक्षसेना: by rakshasa, विभीषणेन: by Vibheeshana, एवम् in that manner, उक्तः having spoken, सुग्रीवः Sugriva, सलक्ष्मणेन: accompanied by Lakshmana, रामः Rama, यत्र: where, आजगाम: reached.
Summary
Vibheeshana having spoken in that manner, Sugriva accompanied by Lakshmana reached near Rama.
पदच्छेदः
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| विभीषणेनोक्ते | विभीषण (३.१)–उक्त (√वच् + क्त, ७.१) |
| राक्षसेन | राक्षस (३.१) |
| विपश्चिता | विपश्चित् (३.१) |
| प्रकृत्या | प्रकृति (६.१) |
| धर्मशीलस्य | धर्म–शील (६.१) |
| राघवस्याप्यरोचत | राघव (६.१)–अपि (अव्ययः)–अरोचत (√रुच् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | वं | वि | भी | ष | णे | नो | क्ते |
| रा | क्ष | से | न | वि | प | श्चि | ता |
| प्र | कृ | त्या | ध | र्म | शी | ल | स्य |
| रा | घ | व | स्या | प्य | रो | च | त |