अन्वयः
लङ्कायाः Lanka's, प्रधर्षणे: for storming, राक्षसानाम् for Rakshasas, वथे: for killing, साह्यम् help, करिष्यामि: will render, यथाप्राणम् with all my strength, वाहिनीम् army, प्रवेक्ष्यामिच: to enter.
M N Dutt
I shall lend you my might in slaying the Raksasas and devastating the city of Larkā, and shall be in the midst of Rāvana's army.
Summary
"I will render assistance with all my strength for storming Lanka, for killing the Rakshasas and for the army to enter."
पदच्छेदः
| राक्षसानां | राक्षस (६.३) |
| वधे | वध (७.१) |
| साह्यं | साह्य (२.१) |
| लङ्कायाश्च | लङ्का (६.१)–च (अव्ययः) |
| प्रधर्षणे | प्रधर्षण (७.१) |
| करिष्यामि | करिष्यामि (√कृ लृट् उ.पु. ) |
| यथाप्राणं | यथाप्राणम् (अव्ययः) |
| प्रवेक्ष्यामि | प्रवेक्ष्यामि (√प्र-विश् लृट् उ.पु. ) |
| च | च (अव्ययः) |
| वाहिनीम् | वाहिनी (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रा | क्ष | सा | नां | व | धे | सा | ह्यं |
| ल | ङ्का | या | श्च | प्र | ध | र्ष | णे |
| क | रि | ष्या | मि | य | था | प्रा | णं |
| प्र | वे | क्ष्या | मि | च | वा | हि | नीम् |