अन्ये मध्येन गच्छन्ति पार्श्वतोऽन्ये प्लवंगमाः ।
सलिले प्रपतन्त्यन्ये मार्गमन्ये न लेभिरे ।
केचिद्वैहायस गताः सुपर्णा इव पुप्लुवुः ॥
अन्ये मध्येन गच्छन्ति पार्श्वतोऽन्ये प्लवंगमाः ।
सलिले प्रपतन्त्यन्ये मार्गमन्ये न लेभिरे ।
केचिद्वैहायस गताः सुपर्णा इव पुप्लुवुः ॥
अन्वयः
अन्ये others, प्लवङ्गमाः monkeys, मध्येनगच्छन्ति going in the middle, अन्ये some others, पार्श्वतः in the side, अन्ये some others, सलिलम् water, प्रपतन्ति falling down (having no space to walk), अन्ये some others, मार्गम् path, नलेभिरे on the shore, केचित् a few, वैहायसगताः through the path of sky, सुपर्णाःइव like birds, पुप्लुवुः went.M N Dutt
And some monkeys proceeded along the middle, and some plunged into the deep, and some went by the road. And some coursed through the air, bounding up bird-like.Summary
While some monkeys walked in the middle some went in the side, some others were falling down in water (for the want of space to walk) some others went like birds in the path of the sky.पदच्छेदः
| अन्ये | अन्य (१.३) |
| मध्येन | मध्य (३.१) |
| गच्छन्ति | गच्छन्ति (√गम् लट् प्र.पु. बहु.) |
| पार्श्वतो | पार्श्वतस् (अव्ययः) |
| ऽन्ये | अन्य (१.३) |
| प्लवंगमाः | प्लवंगम (१.३) |
| सलिले | सलिल (७.१) |
| प्रपतन्त्यन्ये | प्रपतन्ति (√प्र-पत् लट् प्र.पु. बहु.)–अन्य (१.३) |
| मार्गम् | मार्ग (२.१) |
| अन्ये | अन्य (१.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| लेभिरे | लेभिरे (√लभ् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| केचिद् | कश्चित् (१.३) |
| वैहायसगताः | वैहायस–गत (√गम् + क्त, १.३) |
| सुपर्णा | सुपर्ण (१.३) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| पुप्लुवुः | पुप्लुवुः (√प्लु लिट् प्र.पु. बहु.) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | न्ये | म | ध्ये | न | ग | च्छ | न्ति | पा | र्श्व | तो | ऽन्ये |
| प्ल | वं | ग | माः | स | लि | ले | प्र | प | त | न्त्य | न्ये |
| मा | र्ग | म | न्ये | न | ले | भि | रे | के | चि | द्वै | हा |
| य | स | ग | ताः | सु | प | र्णा | इ | व | पु | प्लु | वुः |