अन्वयः
रामस्य Rama's, तत् that, रूपम् form, यादृशम् to see, प्रहरणानिचएकः weapons, he alone, लङ्कांपुरीम् Lanka city, वधिष्यति will slay, तेत्रयः those three, तिष्ठन्तु even keep away.
M N Dutt
Such is Rāma's figure and arms that he shall alone demolish Lankā, leave the other three alone.
Summary
"If we see Rama's form and his weapon it is enough. He can alone slay even when all the other three keep away."
पदच्छेदः
| यादृशं | यादृश (१.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| रामस्य | राम (६.१) |
| रूपं | रूप (१.१) |
| प्रहरणानि | प्रहरण (१.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| वधिष्यति | वधिष्यति (√वध् लृट् प्र.पु. एक.) |
| पुरीं | पुरी (२.१) |
| लङ्काम् | लङ्का (२.१) |
| एकस्तिष्ठन्तु | एक (१.१)–तिष्ठन्तु (√स्था लोट् प्र.पु. बहु.) |
| ते | तद् (१.३) |
| त्रयः | त्रि (१.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| या | दृ | शं | त | स्य | रा | म | स्य |
| रू | पं | प्र | ह | र | णा | नि | च |
| व | धि | ष्य | ति | पु | रीं | ल | ङ्का |
| मे | क | स्ति | ष्ठ | न्तु | ते | त्र | यः |