पदच्छेदः
| एष | एतद् (१.१) |
| यो | यद् (१.१) |
| ऽभिमुखो | अभिमुख (१.१) |
| लङ्कां | लङ्का (२.१) |
| नर्दंस्तिष्ठति | नर्दत् (√नर्द् + शतृ, १.१)–तिष्ठति (√स्था लट् प्र.पु. एक.) |
| वानरः | वानर (१.१) |
| यूथपानां | यूथप (६.३) |
| सहस्राणां | सहस्र (६.३) |
| शतेन | शत (३.१) |
| परिवारितः | परिवारित (√परि-वारय् + क्त, १.१) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ए | ष | यो | ऽभि | मु | खो | ल | ङ्कां |
| न | र्दं | स्ति | ष्ठ | ति | वा | न | रः |
| यू | थ | पा | नां | स | ह | स्रा | णां |
| श | ते | न | प | रि | वा | रि | तः |