पदच्छेदः
| बाहू | बाहु (२.२) |
| प्रगृह्य | प्रगृह्य (√प्र-ग्रह् + ल्यप्) |
| यः | यद् (१.१) |
| पद्भ्यां | पद् (३.२) |
| महीं | मही (२.१) |
| गच्छति | गच्छति (√गम् लट् प्र.पु. एक.) |
| वीर्यवान् | वीर्यवत् (१.१) |
| लङ्काम् | लङ्का (२.१) |
| अभिमुखः | अभिमुख (१.१) |
| कोपाद् | कोप (५.१) |
| अभीक्ष्णं | अभीक्ष्ण (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| विजृम्भते | विजृम्भते (√वि-जृम्भ् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| बा | हू | प्र | गृ | ह्य | यः | प | द्भ्यां |
| म | हीं | ग | च्छ | ति | वी | र्य | वान् |
| ल | ङ्का | म | भि | मु | खः | को | पा |
| द | भी | क्ष्णं | च | वि | जृ | म्भ | ते |