पदच्छेदः
| तेजसा | तेजस् (३.१) |
| यशसा | यशस् (३.१) |
| बुद्ध्या | बुद्धि (३.१) |
| ज्ञानेनाभिजनेन | ज्ञान (३.१)–अभिजन (३.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| यः | यद् (१.१) |
| कपीन् | कपि (२.३) |
| अति | अति (अव्ययः) |
| बभ्राज | बभ्राज (√भ्राज् लिट् प्र.पु. एक.) |
| हिमवान् | हिमवन्त् (१.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| पर्वतान् | पर्वत (२.३) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ते | ज | सा | य | श | सा | बु | द्ध्या |
| ज्ञा | ने | ना | भि | ज | ने | न | च |
| यः | क | पी | न | ति | ब | भ्रा | ज |
| हि | म | वा | नि | व | प | र्व | तान् |