अन्वयः
राघव: Raghava, अत्र: there, सेतुः bridge, यथा: in that way, बध्येत्: would build , तस्य: his, राक्षसराजस्य: rakshasa king's, ताम्: that, पुरीम्: city, यथा:like that, पश्येमः will see, तथा: that way, त्वम्: you, कुरु: think
M N Dutt
Do you, O Rāghava, so order matters that a bridge may be constructed (over the main), and that we may behold the palace of the Rākşasa monarch.
Summary
"Raghava You think that we will be building a bridge and then seeing that city of the king of Rakshasas."
पदच्छेदः
| सेतुर् | सेतु (१.१) |
| अत्र | अत्र (अव्ययः) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| बध्येद् | बध्येत् (√बन्ध् विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| यथा | यथा (अव्ययः) |
| पश्येम | पश्येम (√पश् विधिलिङ् उ.पु. द्वि.) |
| तां | तद् (२.१) |
| पुरीम् | पुरी (२.१) |
| तस्य | तद् (६.१) |
| राक्षसराजस्य | राक्षस–राज (६.१) |
| तथा | तथा (अव्ययः) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| कुरु | कुरु (√कृ लोट् म.पु. ) |
| राघव | राघव (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| से | तु | र | त्र | य | था | व | ध्ये |
| द्य | था | प | श्ये | म | तां | पु | रीम् |
| त | स्य | रा | क्ष | स | रा | ज | स्य |
| त | था | त्वं | कु | रु | रा | घ | व |