चाराणां रावणः श्रुत्वा प्राप्तं रामं महाबलम् ।
जातोद्वेगोऽभवत्किंचिच्छार्दूलं वाक्यमब्रवीत् ॥
चाराणां रावणः श्रुत्वा प्राप्तं रामं महाबलम् ।
जातोद्वेगोऽभवत्किंचिच्छार्दूलं वाक्यमब्रवीत् ॥
अन्वयः
रावण Ravana, महाबलम् great army, रामम् Rama, प्राप्तम् has camped, चाराणाम् from Spies, श्रुत्वा having heard, किञ्चित् a little, जातोद्वेग felt panicky, अभवत् became, शार्दूलम् to Saardula, वाक्यम् these words, अब्रवीत् said.M N Dutt
Hearing the words of the spies, that Rama, accompanied by a mighty army, had arrived (there), Rāvana was a little agitated and spoke to Sardula.Summary
On hearing from the spies that Rama has camped with a great army, Ravana got a little panicky and said these words to Saardula.पदच्छेदः
| चाराणां | चार (६.३)–चार (६.३) |
| रावणः | रावण (१.१)–रावण (१.१) |
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा)–श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| प्राप्तं | प्राप्त (√प्र-आप् + क्त, २.१)–प्राप्त (√प्र-आप् + क्त, २.१) |
| रामं | राम (२.१)–राम (२.१) |
| महाबलम् | महत्–बल (२.१)–महत्–बल (२.१) |
| जातोद्वेगो | जात (√जन् + क्त)–उद्वेग (१.१) |
| ऽभवत् | अभवत् (√भू लङ् प्र.पु. एक.) |
| किंचिच् | कश्चित् (२.१) |
| छार्दूलं | शार्दूल (२.१) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| चा | रा | णां | रा | व | णः | श्रु | त्वा |
| प्रा | प्तं | रा | मं | म | हा | ब | लम् |
| जा | तो | द्वे | गो | ऽभ | व | त्किं | चि |
| च्छा | र्दू | लं | वा | क्य | म | ब्र | वीत् |