अन्वयः
शोभने virtuous woman, समागम्य arrived, परिष्वज्य hugged, महोरसः broadchested, तस्य his, उरसि bosom, आनन्दजानि tears of joy, अश्रूण्याणि tears, वर्तयिष्यसि will shed.
M N Dutt
And, O Janaki, embracing (your lord) you shall shed tears of joy on his mighty breast.
Summary
"Virtuous Sita! Hugged by your broad chested Rama, you will shed tears of joy on his bosom."
पदच्छेदः
| अश्रूण्यानन्दजानि | अश्रु (२.३)–आनन्द–ज (२.३) |
| त्वं | त्वद् (१.१) |
| वर्तयिष्यसि | वर्तयिष्यसि (√वर्तय् लृट् म.पु. ) |
| शोभने | शोभन (८.१) |
| समागम्य | समागम्य (√समा-गम् + ल्यप्) |
| परिष्वक्ता | परिष्वक्त (√परि-स्वज् + क्त, १.१) |
| तस्योरसि | तद् (६.१)–उरस् (७.१) |
| महोरसः | महत्–उरस् (६.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | श्रू | ण्या | न | न्द | जा | नि | त्वं |
| व | र्त | यि | ष्य | सि | शो | भ | ने |
| स | मा | ग | म्य | प | रि | ष्व | क्ता |
| त | स्यो | र | सि | म | हो | र | सः |