अन्वयः
मैथिलि Mythili, सःराक्षसाधिपः the king of Rakshasas, यत्कृते for what reason, सम्भ्रान्तः agitated, निष्क्रान्तः left, तत्र that, सर्वम् everything, अभिनिष्क्रम्य returned back, मे I, विदितम् know.
M N Dutt
And, O Maithili, I, coming out, have also learnt well as to why the lord of Rākṣasas has gone out hence hurriedly.
Summary
"O Mythili! I know all about why the king of Rakshasas returned back agitated."
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| संभ्रान्तश्च | संभ्रान्त (√सम्-भ्रम् + क्त, १.१)–च (अव्ययः) |
| निष्क्रान्तो | निष्क्रान्त (√निः-क्रम् + क्त, १.१) |
| यत्कृते | यत्कृते (अव्ययः) |
| राक्षसाधिपः | राक्षस–अधिप (१.१) |
| तच्च | तद् (१.१)–च (अव्ययः) |
| मे | मद् (६.१) |
| विदितं | विदित (√विद् + क्त, १.१) |
| सर्वम् | सर्व (१.१) |
| अभिनिष्क्रम्य | अभिनिष्क्रम्य (√अभिनिः-क्रम् + ल्यप्) |
| मैथिलि | मैथिली (८.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | सं | भ्रा | न्त | श्च | नि | ष्क्रा | न्तो |
| य | त्कृ | ते | रा | क्ष | सा | धि | पः |
| त | च्च | मे | वि | दि | तं | स | र्व |
| म | भि | नि | ष्क्र | म्य | मै | थि | लि |