अन्वयः
दैवतान्यपि even gods, युद्धे in war, यस्य, द्वन्द्वे duel, नतिष्ठन्ति not with stand, सः that he, रावणः Ravana, युद्धे in war, कस्मात् whom, भयम् fear, आहारयिष्यति striking.
M N Dutt
He before whom even the gods cannot stay in the battle field, how can that Råvaņa ever come by fear?
Summary
As even gods will not with stand Ravana in war, of whom Ravana will be afraid of in a duel.
पदच्छेदः
| द्वन्द्वे | द्वंद्व (७.१) |
| यस्य | यद् (६.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| तिष्ठन्ति | तिष्ठन्ति (√स्था लट् प्र.पु. बहु.) |
| दैवतान्यपि | दैवत (१.३)–अपि (अव्ययः) |
| संयुगे | संयुग (७.१) |
| स | तद् (१.१) |
| कस्माद् | क (५.१) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| युद्धे | युद्ध (७.१) |
| भयम् | भय (२.१) |
| आहारयिष्यति | आहारयिष्यति (√आ-हारय् लृट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| द्व | न्द्वे | य | स्य | न | ति | ष्ठ | न्ति |
| दै | व | ता | न्य | पि | सं | यु | गे |
| स | क | स्मा | द्रा | व | णो | यु | द्धे |
| भ | य | मा | हा | र | यि | ष्य | ति |