अन्वयः
एवं in that way, संरब्धम् abashed, ब्रुवाणम् speaking, रावणम् to Ravana, रुष्टम् anger, विज्ञाय knowing, माल्यवान् Malyavan, व्रीळितः feeling shy, उत्तरम् reply, वाक्यम् words, नप्रत्यपद्यत not uttered.
M N Dutt
When Ravana, wrought up with passion, had spoken thus, Malyavan, knowing him wroth, did not return a reply.
Summary
When Ravana was abashed and speaking in that way realizing that he is angry, Malyavan did not reply feeling shy.
पदच्छेदः
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| ब्रुवाणं | ब्रुवाण (√ब्रू + शानच्, २.१) |
| संरब्धं | संरब्ध (२.१) |
| रुष्टं | रुष्ट (√रुष् + क्त, २.१) |
| विज्ञाय | विज्ञाय (√वि-ज्ञा + ल्यप्) |
| रावणम् | रावण (२.१) |
| व्रीडितो | व्रीडित (√व्रीड् + क्त, १.१) |
| माल्यवान् | माल्यवन्त् (१.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| नोत्तरं | न (अव्ययः)–उत्तर (२.१) |
| प्रत्यपद्यत | प्रत्यपद्यत (√प्रति-पद् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | वं | ब्रु | वा | णं | सं | र | ब्धं |
| रु | ष्टं | वि | ज्ञा | य | रा | व | णम् |
| व्री | डि | तो | मा | ल्य | वा | न्वा | क्यं |
| नो | त्त | रं | प्र | त्य | प | द्य | त |