अन्वयः
रावणंप्रति about Ravana, सक्रोधः anger, रामः Rama, एवम् in that manner, सम्मन्त्रयन्नेन talking about, चित्रसानुम् captivating slopes, सुवेलम् of Suvela, आसाद्य climbed, उपारुहत् to rest there.
M N Dutt
Having decided thus, Rāma, filled with wrath at Ravana, coming to Suvela, ascended its variegated plateau.
Summary
Talking about Ravana in that manner, Rama climbed the captivating slopes of Suvela to rest there.
पदच्छेदः
| एवं | एवम् (अव्ययः) |
| संमन्त्रयन्न् | संमन्त्रयत् (√सम्-मन्त्रय् + शतृ, १.१) |
| एव | एव (अव्ययः) |
| सक्रोधो | स (अव्ययः)–क्रोध (१.१) |
| रावणं | रावण (२.१) |
| प्रति | प्रति (अव्ययः) |
| रामः | राम (१.१) |
| सुवेलं | सुवेल (२.१) |
| वासाय | वास (४.१) |
| चित्रसानुम् | चित्र–सानु (२.१) |
| उपारुहत् | उपारुहत् (√उप-रुह् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | वं | सं | म | न्त्र | य | न्ने | व |
| स | क्रो | धो | रा | व | णं | प्र | ति |
| रा | मः | सु | वे | लं | वा | सा | य |
| चि | त्र | सा | नु | मु | पा | रु | हत् |