अन्वयः
ससुग्रीवः Sugriva, कालज्ञः knower of when to do, राघवः Raghava, महत् great, कपिराजबलम् army of Vanaras, सन्नह्य ready, काले time, संयुगाय motivated, अभ्यचोदयत् ordered.
M N Dutt
After making the mighty host of the monkeysking equip itself, Raghava versed in season, along with Sugrīva, at the proper hour, issued orders for battle.
Summary
Raghava, who is knowledgeable of when to do what, motivated the army of Vanaras and Sugriva and ordered.
पदच्छेदः
| संनह्य | संनह्य (√सम्-नह् + ल्यप्) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| ससुग्रीवः | स (अव्ययः)–सुग्रीव (१.१) |
| कपिराजबलं | कपि–राज–बल (२.१) |
| महत् | महत् (२.१) |
| कालज्ञो | काल–ज्ञ (१.१) |
| राघवः | राघव (१.१) |
| काले | काल (७.१) |
| संयुगायाभ्यचोदयत् | संयुग (४.१)–अभ्यचोदयत् (√अभि-चोदय् लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सं | न | ह्य | तु | स | सु | ग्री | वः |
| क | पि | रा | ज | ब | लं | म | हत् |
| का | ल | ज्ञो | रा | घ | वः | का | ले |
| सं | यु | गा | या | भ्य | चो | द | यत् |