अन्वयः
ताम् her, मैथिलीम् Mythili, आदाय seek, शरणम् my protection, नअभ्येषियदि if not take, निशितैः sharp, शरैः arrows, इमम् this, लोकम् world, अराक्षसम् devoid of Rakshasas, कर्तास्मि will make.
M N Dutt
I shall with my sharpened shafts render this world free from Rākşasas, unless rendering back Mitbila's daughter, you throw yourself on my mercy.
Summary
"If you do not seek my protection I will devoid this world of Rakshasas with my sharp arrows."
पदच्छेदः
| अराक्षसम् | अराक्षस (२.१) |
| इमं | इदम् (२.१) |
| लोकं | लोक (२.१) |
| कर्तास्मि | कर्तास्मि (√कृ लुट् उ.पु. ) |
| निशितैः | निशित (√नि-शा + क्त, ३.३) |
| शरैः | शर (३.३) |
| न | न (अव्ययः) |
| चेच्छरणम् | चेद् (अव्ययः)–शरण (२.१) |
| अभ्येषि | अभ्येषि (√अभि-इ लट् म.पु. ) |
| माम् | मद् (२.१) |
| उपादाय | उपादाय (√उपा-दा + ल्यप्) |
| मैथिलीम् | मैथिली (२.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | रा | क्ष | स | मि | मं | लो | कं |
| क | र्ता | स्मि | नि | शि | तैः | श | रैः |
| न | चे | च्छ | र | ण | म | भ्ये | षि |
| मा | मु | पा | दा | य | मै | थि | लीम् |