अन्वयः
शिलाप्रहाराभिहतः hit by the huge rock, निशाचरः night ranger, विद्युन्माली Vidyunmali, निप्पिष्टहृदयः ceased of life, गतासुः gone, भूमौ on the ground, निपपातह dropped.
M N Dutt
Assailed with the crag, the night-ranger Vidyanmali, having his chest crushed, fell down to the earth, deprived of life.
Summary
Vidyunmali, the Rakshasa hit by the huge rock, was ceased of life.
पदच्छेदः
| शिलाप्रहाराभिहतो | शिला–प्रहार–अभिहत (√अभि-हन् + क्त, १.१) |
| विद्युन्माली | विद्युन्मालिन् (१.१) |
| निशाचरः | निशाचर (१.१) |
| निष्पिष्टहृदयो | निष्पिष्ट (√निः-पिष् + क्त)–हृदय (१.१) |
| भूमौ | भूमि (७.१) |
| गतासुर् | गतासु (१.१) |
| निपपात | निपपात (√नि-पत् लिट् प्र.पु. एक.) |
| ह | ह (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| शि | ला | प्र | हा | रा | भि | ह | तो |
| वि | द्यु | न्मा | ली | नि | शा | च | रः |
| नि | ष्पि | ष्ट | हृ | द | यो | भू | मौ |
| ग | ता | सु | र्नि | प | पा | त | ह |