अन्वयः
रणे in war, शत्रून् enemies, निहन्तुम् killing, समुपस्थितः who stood determined, अङ्गदस्तु Angada's, आशु in no time, रावणिम् Ravana's, सारथिंच charioteer, हयानपि horses also, निजघान wounded.
Summary
Angada who was determined to kill the enemies, in no time wounded Ravana's charioteer and also the horses.
पदच्छेदः
| अङ्गदस्तु | अङ्गद (१.१)–तु (अव्ययः) |
| रणे | रण (७.१) |
| शत्रुं | शत्रु (२.१) |
| निहन्तुं | निहन्तुम् (√नि-हन् + तुमुन्) |
| समुपस्थितः | समुपस्थित (√समुप-स्था + क्त, १.१) |
| रावणेर् | रावणि (६.१) |
| निजघानाशु | निजघान (√नि-हन् लिट् प्र.पु. एक.)–आशु (२.१) |
| सारथिं | सारथि (२.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| हयान् | हय (२.३) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| अ | ङ्ग | द | स्तु | र | णे | श | त्रुं |
| नि | ह | न्तुं | स | मु | प | स्थि | तः |
| रा | व | णे | र्नि | ज | घा | ना | शु |
| सा | र | थिं | च | ह | या | न | पि |