अन्वयः
ततः then, पर्यन्तरक्ताक्षः corners of eyes turned red, भिन्नाञ्जनचयोपमः like a huge collyrium, रावणिः Ravana's son, अन्तर्धानगतः vanished, भ्रातरौ brothers, वाक्यम् these words, अब्रवीत् spoke.
M N Dutt
Then that one having red corners to his eyes and resembling a mass of crushed collyrium, Rāvana's son, said to the brothers, as he vanished.
Summary
Then Ravana's son with the corner of his eyes turned red in anger looking like a huge collyrium, vanished from there and spoke these words to the two brothers, Rama, and Lakshmana.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| पर्यन्तरक्ताक्षो | पर्यन्त–रक्त–अक्ष (१.१) |
| भिन्नाञ्जनचयोपमः | भिन्नाञ्जन–चय–उपम (१.१) |
| रावणिर् | रावणि (१.१) |
| भ्रातरौ | भ्रातृ (२.२) |
| वाक्यम् | वाक्य (२.१) |
| अन्तर्धानगतो | अन्तर्धान–गत (√गम् + क्त, १.१) |
| ऽब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | प | र्य | न्त | र | क्ता | क्षो |
| भि | न्ना | ञ्ज | न | च | यो | प | मः |
| रा | व | णि | र्भ्रा | त | रौ | वा | क्य |
| म | न्त | र्धा | न | ग | तो | ऽब्र | वीत् |