अन्वयः
विभीषणः Vibheeshana, एवम् in that manner, उक्त्वा spoken, ततः then, जलक्लिन्नेन dipping in water, पाणिना hand, तस्यसुग्रीवस्य Sugriva's, शुभे beautiful, नेत्रे eyes, प्रममार्ज brightened.
M N Dutt
Saying this, with hand Vibhīşaņa washed Sugriva's graceful eyes with water.
Summary
Vibheeshana, having spoken in that manner, there after dipped his hand in water and wiped the beautiful eyes of Sugriva to brighten.
पदच्छेदः
| एवम् | एवम् (अव्ययः) |
| उक्त्वा | उक्त्वा (√वच् + क्त्वा) |
| ततस्तस्य | ततस् (अव्ययः)–तद् (६.१) |
| जलक्लिन्नेन | जल–क्लिन्न (√क्लिद् + क्त, ३.१) |
| पाणिना | पाणि (३.१) |
| सुग्रीवस्य | सुग्रीव (६.१) |
| शुभे | शुभ (२.२) |
| नेत्रे | नेत्र (२.२) |
| प्रममार्ज | प्रममार्ज (√प्र-मृज् लिट् प्र.पु. एक.) |
| विभीषणः | विभीषण (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ए | व | मु | क्त्वा | त | त | स्त | स्य |
| ज | ल | क्लि | न्ने | न | पा | णि | ना |
| सु | ग्री | व | स्य | शु | भे | ने | त्रे |
| प्र | म | मा | र्ज | वि | भी | ष | णः |