अन्वयः
तस्मात् therefore, आत्मानम् ourselves, आश्वासय restoring breath, स्वकम् myself, बलम् army, आश्वासय reassure, अहम् I, सर्वाणि all, कार्यानि actions, पुनः again, यावत् संस्थापयामि all the army restore confidence.
M N Dutt
Therefore do you comfort yourself, do you also cheer up your own forces, while I am engaged in composing all the troops.
Summary
"Therefore, restoring breath let us reassure the army again till all actions are carried out by restoring their confidence."
पदच्छेदः
| तस्माद् | तस्मात् (अव्ययः) |
| आश्वासयात्मानं | आश्वासय (√आ-श्वासय् लोट् म.पु. )–आत्मन् (२.१) |
| बलं | बल (२.१) |
| चाश्वासय | च (अव्ययः)–आश्वासय (√आ-श्वासय् लोट् म.पु. ) |
| स्वकम् | स्वक (२.१) |
| यावत् | यावत् (अव्ययः) |
| सर्वाणि | सर्व (२.३) |
| सैन्यानि | सैन्य (२.३) |
| पुनः | पुनर् (अव्ययः) |
| संस्थापयाम्यहम् | संस्थापयामि (√सम्-स्थापय् लट् उ.पु. )–मद् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्मा | दा | श्वा | स | या | त्मा | नं |
| ब | लं | चा | श्वा | स | य | स्व | कम् |
| या | व | त्स | र्वा | णि | सै | न्या | नि |
| पु | नः | सं | स्था | प | या | म्य | हम् |