अन्वयः
महामायः great, इन्द्रजित्तुः Indrajith, सर्वसैन्यसमावृतः all the army surrounding him, लङ्कां Lanka नगरीम् City, विवेश entered, पितरम् father, अभ्युपागमत् च approached.
M N Dutt
And Indrajit, worker of mighty illusionsaccompanied by his troops, entered the city of Larkā and presented himself before his father.
Summary
Great Indrajith surrounded by all army entered the city of Lanka and approached his father.
पदच्छेदः
| इन्द्रजित् | इन्द्रजित् (१.१) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| महामायः | महत्–माया (१.१) |
| सर्वसैन्यसमावृतः | सर्व–सैन्य–समावृत (√समा-वृ + क्त, १.१) |
| विवेश | विवेश (√विश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| नगरीं | नगरी (२.१) |
| लङ्कां | लङ्का (२.१) |
| पितरं | पितृ (२.१) |
| चाभ्युपागमत् | च (अव्ययः)–अभ्युपागमत् (√अभ्युप-गम् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| इ | न्द्र | जि | त्तु | म | हा | मा | यः |
| स | र्व | सै | न्य | स | मा | वृ | तः |
| वि | वे | श | न | ग | रीं | ल | ङ्कां |
| पि | त | रं | चा | भ्यु | पा | ग | मत् |