अन्वयः
ततः thereafter, विभीषणः Vibheeshana, सर्वाणि all, अनीकानि many, स्थापयित्वा settled, गदापाणिः mace, राघवः Raghava, यत्र there, त्वरितम् hastily, आजगाम reached.
M N Dutt
Then Vibhisana, quieting the army, taking a mace in his hand, swiftly went to where Rāghava was.
Summary
Thereafter, Vibheeshana, settling all the army, hastened to reach Raghava with a mace.
पदच्छेदः
| ततः | ततस् (अव्ययः) |
| सर्वाण्यनीकानि | सर्व (२.३)–अनीक (२.३) |
| स्थापयित्वा | स्थापयित्वा (√स्थापय् + क्त्वा) |
| विभीषणः | विभीषण (१.१) |
| आजगाम | आजगाम (√आ-गम् लिट् प्र.पु. एक.) |
| गदापाणिस्त्वरितो | गदा–पाणि (१.१)–त्वरित (√त्वर् + क्त, १.१) |
| यत्र | यत्र (अव्ययः) |
| राघवः | राघव (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | तः | स | र्वा | ण्य | नी | का | नि |
| स्था | प | यि | त्वा | वि | भी | ष | णः |
| आ | ज | गा | म | ग | दा | पा | णि |
| स्त्व | रि | तो | य | त्र | रा | घ | वः |