अन्वयः
रामः नि Rama also,सह्यस्य Sahaya's,च and, विचित्राणि wonderful, काननानि woods, नदीप्रस्रवणानि च streams of rivers, पश्यन् to see, ययौ went
M N Dutt
Rāma went on beholding the variegated forest, rivers and fountains of the mount Sahya and Malaya.
Summary
Rama too went to see the wonderful woods and streams of rivers of Sahaya mountain.
पदच्छेदः
| काननानि | कानन (२.३) |
| विचित्राणि | विचित्र (२.३) |
| नदीप्रस्रवणानि | नदी–प्रस्रवण (२.३) |
| च | च (अव्ययः) |
| पश्यन्न् | पश्यत् (√दृश् + शतृ, १.१) |
| अपि | अपि (अव्ययः) |
| ययौ | ययौ (√या लिट् प्र.पु. एक.) |
| रामः | राम (१.१) |
| सह्यस्य | सह्य (६.१) |
| मलयस्य | मलय (६.१) |
| च | च (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| का | न | ना | नि | वि | चि | त्रा | णि |
| न | दी | प्र | स्र | व | णा | नि | च |
| प | श्य | न्न | पि | य | यौ | रा | मः |
| स | ह्य | स्य | म | ल | य | स्य | च |