अन्वयः
अम्भः water, नभसा of the sky, सम्पृक्तम् close to each other, तारारत्नसमाकुले covered with stars and gems, तादृग्रूपे those two, दृश्येते appeared
M N Dutt
The sky crested with stars and the deep filled with gems resembled each other.
Summary
The ocean and the sky filled with gems and stars respectively appeared alike.
पदच्छेदः
| संपृक्तं | संपृक्त (√सम्-पृच् + क्त, १.१) |
| नभसा | नभस् (३.१) |
| ह्यम्भः | हि (अव्ययः)–अम्भस् (१.१) |
| संपृक्तं | संपृक्त (√सम्-पृच् + क्त, १.१) |
| च | च (अव्ययः) |
| नभो | नभस् (१.१) |
| ऽम्भसा | अम्भस् (३.१) |
| तादृग्रूपे | तादृश्–रूप (१.२) |
| स्म | स्म (अव्ययः) |
| दृश्येते | दृश्येते (√दृश् प्र.पु. द्वि.) |
| तारारत्नसमाकुले | तारा–रत्न–समाकुल (१.२) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सं | पृ | क्तं | न | भ | सा | ह्य | म्भः |
| सं | पृ | क्तं | च | न | भो | ऽम्भ | सा |
| ता | दृ | ग्रू | पे | स्म | दृ | श्ये | ते |
| ता | रा | र | त्न | स | मा | कु | ले |