अन्वयः
सुसन्त्रस्तान् fearing, बहुधा many directions, विप्रधावितान् fleeing, एतान् all of them, शीघ्रम् quickly, पर्यवस्था running, उपस्थितम् has come here, विभीषणम् Vibheeshana, आख्याहि call them.
M N Dutt
Do you at once stay these agitated with fear and scampering all around; and proclaim, 'This is Vibhisana, who has come here.'
Summary
"Call them back who are running in different directions quickly. Tell them Vibheeshana has come here."
पदच्छेदः
| शीघ्रम् | शीघ्रम् (अव्ययः) |
| एतान् | एतद् (२.३) |
| सुवित्रस्तान् | सु (अव्ययः)–वित्रस्त (√वि-त्रस् + क्त, २.३) |
| बहुधा | बहुधा (अव्ययः) |
| विप्रधावितान् | विप्रधावित (√विप्र-धाव् + क्त, २.३) |
| पर्यवस्थापयाख्याहि | पर्यवस्थापय (√पर्यव-स्थापय् लोट् म.पु. )–आख्याहि (√आ-ख्या लोट् म.पु. ) |
| विभीषणम् | विभीषण (२.१) |
| उपस्थितम् | उपस्थित (√उप-स्था + क्त, २.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| शी | घ्र | मे | ता | न्सु | वि | त्र | स्ता |
| न्ब | हु | धा | वि | प्र | धा | वि | तान् |
| प | र्य | व | स्था | प | या | ख्या | हि |
| वि | भी | ष | ण | मु | प | स्थि | तम् |