अन्वयः
सुग्रीवेण Sugriva, एवम् in that way, उक्तः having said, ऋक्षपार्थिवः king of Bears, जाम्बवान् Jambavan, प्रधानतः chief, वानरान् of Vanaras, निरुध्य restored, सान्त्वयामास confidence.
M N Dutt
Thus directed, Jõmbavān-king of bearsrestraining those that were flying, composed the monkeys.
Summary
Sugriva having spoken in that way, the king of Bears, Jambavan restored the confidence of Vanaras.
पदच्छेदः
| सुग्रीवेणैवम् | सुग्रीव (३.१)–एवम् (अव्ययः) |
| उक्तस्तु | उक्त (√वच् + क्त, १.१)–तु (अव्ययः) |
| जाम्बवान् | जाम्बवन्त् (१.१) |
| ऋक्षपार्थिवः | ऋक्ष–पार्थिव (१.१) |
| वानरान् | वानर (२.३) |
| सान्त्वयामास | सान्त्वयामास (√सान्त्वय् प्र.पु. एक.) |
| संनिवर्त्य | संनिवर्त्य (√संनि-वर्तय् + ल्यप्) |
| प्रधावतः | प्रधावत् (√प्र-धाव् + शतृ, २.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| सु | ग्री | वे | णै | व | मु | क्त | स्तु |
| जा | म्ब | वा | नृ | क्ष | पा | र्थि | वः |
| वा | न | रा | न्सा | न्त्व | या | मा | स |
| सं | नि | व | र्त्य | प्र | हा | व | तः |