अन्वयः
महावीर्यः heroic, सःधूम्राक्षः Dhumraksha, राक्षसैः Rakshasas, वृतः surrounded by, प्रहसन् laughing, यत्र there, हनूमान् Hanuman, यूधपः taken position, पश्चिमद्वारं west gate, निर्यातः set forth.
M N Dutt
The highly powerful Dhūmrākşa, surrounded by Rākşasas, cheerfully issued out of the Western Entrance, where Hanumān was posted.
Summary
Heroic Rakshasa, Dhumraksha surrounded by rakshasas set forth laughing to the west gate where Hanuman stood.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| निर्यातो | निर्यात (√निः-या + क्त, १.१) |
| महावीर्यो | महत्–वीर्य (१.१) |
| धूम्राक्षो | धूम्राक्ष (१.१) |
| राक्षसैर् | राक्षस (३.३) |
| वृतः | वृत (√वृ + क्त, १.१) |
| प्रहसन् | प्रहसत् (√प्र-हस् + शतृ, १.१) |
| पश्चिमद्वारं | पश्चिम–द्वार (२.१) |
| हनूमान् | हनुमन्त् (१.१) |
| यत्र | यत्र (अव्ययः) |
| यूथपः | यूथप (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | नि | र्या | तो | म | हा | वी | र्यो |
| धू | म्रा | क्षो | रा | क्ष | सै | र्वृ | तः |
| प्र | ह | स | न्प | श्चि | म | द्वा | रं |
| ह | नू | मा | न्य | त्र | यू | थ | पः |