अन्वयः
रुधिरार्द्रः drenched in blood, श्वेतः white, महान् great, कबन्धः bird, विस्वरम् discordant cry, नादम् sound, उत्सृजन् heard, धूम्राक्षस्य at Dhumraksha, समीपतः nearby, भुवि on ground, पतितः fell, देवः Deva, रुधिरम् , blood, ववर्ष rained, मेदिनी on earth.
Summary
A trunk of a white bird drenched in blood sounding discordant fell near by Dhumraksha. It appeared like a rain god shedding blood on the ground.
पदच्छेदः
| रुधिरार्द्रो | रुधिर–आर्द्र (१.१) |
| महाञ् | महत् (१.१) |
| श्वेतः | श्वेत (१.१) |
| कबन्धः | कबन्ध (१.१) |
| पतितो | पतित (√पत् + क्त, १.१) |
| भुवि | भू (७.१) |
| विस्वरं | विस्वर (२.१) |
| चोत्सृजन्नादं | च (अव्ययः)–उत्सृजत् (√उत्-सृज् + शतृ, १.१)–नाद (२.१) |
| धूम्राक्षस्य | धूम्राक्ष (६.१) |
| समीपतः | समीप (५.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| रु | धि | रा | र्द्रो | म | हा | ञ्श्वे | तः |
| क | ब | न्धः | प | ति | तो | भु | वि |
| वि | स्व | रं | चो | त्सृ | ज | न्ना | दं |
| धू | म्रा | क्ष | स्य | स | मी | प | तः |