अन्वयः
राक्षसाः Rakshasa, विभिन्नशिरसः heads broken, भूत्वा hit, शोणितोक्षिताः drenched in blood, अन्ये other, द्रुमैः trees, प्रमथिताः hit by, धरणीतले on the ground, निपेतुः fell.
M N Dutt
Thereat some Rākşasas with their heads shattered, lay drenched in blood; and others, struck with trees, dropped down to the earth.
Summary
Some Rakshasas hit by trees with their heads broken, shedding blood fell on the ground.
पदच्छेदः
| विभिन्नशिरसो | विभिन्न (√वि-भिद् + क्त)–शिरस् (१.३) |
| भूत्वा | भूत्वा (√भू + क्त्वा) |
| राक्षसाः | राक्षस (१.३) |
| शोणितोक्षिताः | शोणित–उक्षित (√उक्ष् + क्त, १.३) |
| द्रुमैः | द्रुम (३.३) |
| प्रमथिताश्चान्ये | प्रमथित (√प्र-मथ् + क्त, १.३)–च (अव्ययः)–अन्य (१.३) |
| निपेतुर् | निपेतुः (√नि-पत् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| धरणीतले | धरणी–तल (७.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| वि | भि | न्न | शि | र | सो | भू | त्वा |
| रा | क्ष | साः | शो | णि | तो | क्षि | ताः |
| द्रु | मैः | प्र | म | थि | ता | श्चा | न्ये |
| नि | पे | तु | र्ध | र | णी | त | ले |