अन्वयः
द्रुमशैलप्रहाराणाम् trees and hillocks in hand, वानराणाम् Vanaras, महाचमूः huge troops, योद्धुम् for the combat, समुपतिष्ठतं stood prepared, तेनशब्देन by that noise, वित्रस्ता expanded.
Summary
Huge troops of Vanaras holding trees and hillocks stood prepared for waging and by that the noise that arose expanded.
पदच्छेदः
| तेन | तद् (३.१) |
| शब्देन | शब्द (३.१) |
| वित्रस्ता | वित्रस्त (√वि-त्रस् + क्त, १.१) |
| वानराणां | वानर (६.३) |
| महाचमूः | महत्–चमू (१.१) |
| द्रुमशैलप्रहरणा | द्रुम–शैल–प्रहरण (१.३) |
| योद्धुं | योद्धुम् (√युध् + तुमुन्) |
| समवतिष्ठत | समवतिष्ठत (√समव-स्था लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | न | श | ब्दे | न | वि | त्र | स्ता |
| वा | न | रा | णां | म | हा | च | मूः |
| द्रु | म | शै | ल | प्र | ह | र | णा |
| यो | द्धुं | स | म | व | ति | ष्ठ | त |