अन्वयः
रामरावणयोः Rama and Ravana, समभित्यक्तजीविनाम् dedicated their lives तेषाम् that way, कपिराक्षसाम् Vanaras and Rakshasas, महारौद्रम् enraged, युद्धम् battle, सञ्जज्ञे took place.
Summary
Vanaras and Rakshasas dedicated their lives for Rama and Ravana, respectively in that way were enraged and battle took place.
पदच्छेदः
| तेषां | तद् (६.३) |
| युद्धं | युद्ध (१.१) |
| महारौद्रं | महत्–रौद्र (१.१) |
| संजज्ञे | संजज्ञे (√सम्-जन् लिट् प्र.पु. एक.) |
| कपिरक्षसाम् | कपि–रक्षस् (६.३) |
| रामरावणयोर् | राम–रावण (६.२) |
| अर्थे | अर्थ (७.१) |
| समभित्यक्तजीविनाम् | समभित्यक्त (√समभि-त्यज् + क्त)–जीविन् (६.३) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | षां | यु | द्धं | म | हा | रौ | द्रं |
| सं | ज | ज्ञे | क | पि | र | क्ष | साम् |
| रा | म | रा | व | ण | यो | र | र्थे |
| स | म | भि | त्य | क्त | जी | वि | नाम् |