अन्वयः
ततः then, रुधिरौघेण moistened with blood, सिक्तम् settled, रजः dust, अपगतम् disappeared, वसुन्धरा earth, शरीरवशसङ्कीर्णा covered with bodies and limbs, बभूव appeared.
M N Dutt
Then with showers of blood the dust was layed; and the earth was covered with corpses.
Summary
Then moistened with blood, the dust settled on the ground was seen covered with bodies and limbs.
पदच्छेदः
| ततस्तु | ततस् (अव्ययः)–तु (अव्ययः) |
| रुधिरौघेण | रुधिर–ओघ (३.१) |
| सिक्तं | सिक्त (√सिच् + क्त, १.१) |
| व्यपगतं | व्यपगत (√व्यप-गम् + क्त, १.१) |
| रजः | रजस् (१.१) |
| शरीरशवसंकीर्णा | शरीर–शव–संकीर्ण (√सम्-कृ + क्त, १.१) |
| बभूव | बभूव (√भू लिट् प्र.पु. एक.) |
| च | च (अव्ययः) |
| वसुंधरा | वसुंधरा (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त | स्तु | रु | धि | रौ | घे | ण |
| सि | क्तं | व्य | प | ग | तं | र | जः |
| श | री | र | श | व | सं | की | र्णा |
| ब | भू | व | च | व | सुं | ध | रा |