अन्वयः
सः he, वीर्यवान् heroic, मारुतिः Maruthi, एकेन alone, पाणिना by hand, सुमहाशैलम् huge mountain, गृहीत्वा taking hold, महानादम् loud noise, विनद्य whirled, भ्रामयामास round.
M N Dutt
And taking that huge hill, the Wind-god's son endowed with prowess, sending up a tremendous roar, began to whirl it with a single arm.
Summary
He, the heroic Maruthi, with one hand alone taking a huge mountain whirled round making loud noises.
पदच्छेदः
| तं | तद् (२.१) |
| गृहीत्वा | गृहीत्वा (√ग्रह् + क्त्वा) |
| महाशैलं | महत्–शैल (२.१) |
| पाणिनैकेन | पाणि (३.१)–एक (३.१) |
| मारुतिः | मारुति (१.१) |
| विनद्य | विनद्य (√वि-नद् + ल्यप्) |
| सुमहानादं | सु (अव्ययः)–महत्–नाद (२.१) |
| भ्रामयामास | भ्रामयामास (√भ्रामय् प्र.पु. एक.) |
| वीर्यवान् | वीर्यवत् (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| तं | गृ | ही | त्वा | म | हा | शै | लं |
| पा | णि | नै | के | न | मा | रु | तिः |
| वि | न | द्य | सु | म | हा | ना | दं |
| भ्रा | म | या | मा | स | वी | र्य | वान् |