तच्छ्रुत्वा राघवो वाक्यं वायुपुत्रेण भाषितम् ।
आरोहत्सहसा शूरो हनूमन्तं महाकपिम् ।
रथस्थं रावणं संख्ये ददर्श मनुजाधिपः ॥
तच्छ्रुत्वा राघवो वाक्यं वायुपुत्रेण भाषितम् ।
आरोहत्सहसा शूरो हनूमन्तं महाकपिम् ।
रथस्थं रावणं संख्ये ददर्श मनुजाधिपः ॥
अन्वयः
राघवः Raghava, वायुपुत्रेण to the son of wind god, भाषितम् spoken, तत् those, वाक्यम् words, श्रुत्वा hearing, आरुरोहमहाशूरं climbed on the hero, महाकपिम् great monkey, बलवन्तम् strong, आरुरोह on climbing, मनुजाधिपः Lord of humans, सङ् ख्ये in war, रथस्थम् on the chariot, रावणम् Ravana, ददर्श saw.M N Dutt
Hearing the words spoken by Hanumān, Rāghava at once got up on that gigantic monkey; and that master of men beheld Rāvana in battle.Summary
On hearing the sub mission of Hanuman, Sri Rama, the Lord of humans climbed on the great monkey and saw Ravana on the chariot.पदच्छेदः
| तच्छ्रुत्वा | तद् (२.१)–श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| राघवो | राघव (१.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| वायुपुत्रेण | वायुपुत्र (३.१) |
| भाषितम् | भाषित (√भाष् + क्त, २.१) |
| आरोहत् | आरोहत् (√आ-रुह् लङ् प्र.पु. एक.) |
| सहसा | सहस् (३.१) |
| शूरो | शूर (१.१) |
| हनूमन्तं | हनुमन्त् (२.१) |
| महाकपिम् | महत्–कपि (२.१) |
| रथस्थं | रथ–स्थ (२.१) |
| रावणं | रावण (२.१) |
| संख्ये | संख्य (७.१) |
| ददर्श | ददर्श (√दृश् लिट् प्र.पु. एक.) |
| मनुजाधिपः | मनुज–अधिप (१.१) |
छन्दः
उपजातिः [११]छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | च्छ्रु | त्वा | रा | घ | वो | वा | क्यं | वा | यु | पु | त्रे |
| ण | भा | षि | तम् | आ | रो | ह | त्स | ह | सा | शू | रो |
| ह | नू | म | न्तं | म | हा | क | पिम् | र | थ | स्थं | रा |
| व | णं | सं | ख्ये | द | द | र्श | म | नु | जा | धि | पः |