अन्वयः
देवदावनवीराणाम् among the Devas and Danavas, वपुः brilliance, राक्षसेन्द्रस्य Ravana's, एतत् such, वपुः brilliance, यादृशम् , प्रकाशते shines, एवंविधम् like this, नभवेत् not brightly.
M N Dutt
The persons of celestials appear splendid as does the person of the Raksasa-chief.
Summary
Among the Devas and Danavas such brilliance is not there. He shines so brightly.
पदच्छेदः
| देवदानववीराणां | देव–दानव–वीर (६.३) |
| वपुर् | वपुस् (१.१) |
| नैवंविधं | न (अव्ययः)–एवंविध (१.१) |
| भवेत् | भवेत् (√भू विधिलिङ् प्र.पु. एक.) |
| यादृशं | यादृश (१.१) |
| राक्षसेन्द्रस्य | राक्षस–इन्द्र (६.१) |
| वपुर् | वपुस् (१.१) |
| एतत् | एतद् (१.१) |
| प्रकाशते | प्रकाशते (√प्र-काश् लट् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| दे | व | दा | न | व | वी | रा | णां |
| व | पु | र्नै | वं | वि | धं | भ | वेत् |
| या | दृ | शं | रा | क्ष | से | न्द्र | स्य |
| व | पु | रे | त | त्प्र | का | श | ते |