अन्वयः
रामः Rama, यथावत्: in that manner, अभिभाषितम् : spoken , हनुमतः by Hanuman, वाक्यम्: words,श्रुत्वा: having heard, प्रीतिसमायुक्तः filled with love, उत्तरम: replied, वाक्यम्: words, अब्रवीत्: said
M N Dutt
Hearing Hanuman's words, Ravana possessed of dreadful prowess, with his eyes reddened in wrath, said these words.
Summary
Having heard Hanuman's words, full of love, Rama replied.
पदच्छेदः
| श्रुत्वा | श्रुत्वा (√श्रु + क्त्वा) |
| हनूमतो | हनुमन्त् (६.१) |
| वाक्यं | वाक्य (२.१) |
| रावणो | रावण (१.१) |
| भीमविक्रमः | भीम–विक्रम (१.१) |
| संरक्तनयनः | संरक्त (√सम्-रञ्ज् + क्त)–नयन (१.१) |
| क्रोधाद् | क्रोध (५.१) |
| इदं | इदम् (२.१) |
| वचनम् | वचन (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| श्रु | त्वा | ह | नू | म | तो | वा | क्यं |
| रा | व | णो | भी | म | वि | क्र | मः |
| सं | र | क्त | न | य | नः | क्रो | धा |
| दि | दं | व | च | न | म | ब्र | वीत् |