अन्वयः
ते those, सहिताः collected together, विकृतम् of unnatural form, सुप्तम् sleeping on bed, विकीर्णम् scattered, पर्वतम् इव mountain like, महानिद्रम् in dead sleep, कुम्भकर्णम् Kumbhakarna, प्रत्यबोधयन् to awaken.
Summary
Those Rakshasas collected together started to awaken Kumbhakarna, who was like a scattered mountain in dead sleep.
पदच्छेदः
| ते | तद् (१.३) |
| तु | तु (अव्ययः) |
| तं | तद् (२.१) |
| विकृतं | विकृत (√वि-कृ + क्त, २.१) |
| सुप्तं | सुप्त (√स्वप् + क्त, २.१) |
| विकीर्णम् | विकीर्ण (√वि-कृ + क्त, २.१) |
| इव | इव (अव्ययः) |
| पर्वतम् | पर्वत (२.१) |
| कुम्भकर्णं | कुम्भकर्ण (२.१) |
| महानिद्रं | महत्–निद्रा (२.१) |
| सहिताः | सहित (१.३) |
| प्रत्यबोधयन् | प्रत्यबोधयन् (√प्रति-बोधय् लङ् प्र.पु. बहु.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| ते | तु | तं | वि | कृ | तं | सु | प्तं |
| वि | की | र्ण | मि | व | प | र्व | तम् |
| कु | म्भ | क | र्णं | म | हा | नि | द्रं |
| स | हि | ताः | प्र | त्य | बो | ध | यन् |