अन्वयः
रक्षसः Rakshasa, तस्यकुम्भकर्णस्य that Kumbhakarna's, निःश्वासवातेन by the breathing out, बलवन्तःअपि with such force, राक्षसाः Rakshasas, पुरः earlier, स्दातुम् to stand, नशक्नुवन् not possible.
M N Dutt
But the Rākşasas could not stay before Kumbhakarņa owing to the hurricane heaving at his breath.
Summary
Unable to bear the force of the breathing out of Kumbhakarna, the Rakshasas could not stand.
पदच्छेदः
| तस्य | तद् (६.१) |
| निश्वासवातेन | निश्वास–वात (३.१) |
| कुम्भकर्णस्य | कुम्भकर्ण (६.१) |
| रक्षसः | रक्षस् (६.१) |
| राक्षसा | राक्षस (१.३) |
| बलवन्तो | बलवत् (१.३) |
| ऽपि | अपि (अव्ययः) |
| स्थातुं | स्थातुम् (√स्था + तुमुन्) |
| नाशक्नुवन् | न (अव्ययः)–अशक्नुवन् (√शक् लङ् प्र.पु. बहु.) |
| पुरः | पुरस् (अव्ययः) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | स्य | नि | श्वा | स | वा | ते | न |
| कु | म्भ | क | र्ण | स्य | र | क्ष | सः |
| रा | क्ष | सा | ब | ल | व | न्तो | ऽपि |
| स्था | तुं | ना | श | क्नु | व | न्पु | रः |