अन्वयः
रज्जुबन्धनबद्धाभिः fastened with cords, शतघ्नीभिः Satagnhi, सर्वशः all over, वध्यमानः fastened with, महाकायः the huge body, राक्षसः Rakshasa, नप्राबुध्यत not awakened.
M N Dutt
And struck with sataghnis bound with cords, that huge-bodied one did not wake up.
Summary
Some struck with sataghni (mace) all over his huge body fastened with cords.
पदच्छेदः
| रज्जुबन्धनबद्धाभिः | रज्जु–बन्धन–बद्ध (√बन्ध् + क्त, ३.३) |
| शतघ्नीभिश्च | शतघ्नी (३.३)–च (अव्ययः) |
| सर्वतः | सर्वतस् (अव्ययः) |
| वध्यमानो | वध्यमान (√वध् + शानच्, १.१) |
| महाकायो | महत्–काय (१.१) |
| न | न (अव्ययः) |
| प्राबुध्यत | प्राबुध्यत (√प्र-बुध् लङ् प्र.पु. एक.) |
| राक्षसः | राक्षस (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| र | ज्जु | ब | न्ध | न | ब | द्धा | भिः |
| श | त | घ्नी | भि | श्च | स | र्व | तः |
| व | ध्य | मा | नो | म | हा | का | यो |
| न | प्रा | बु | ध्य | त | रा | क्ष | सः |