अन्वयः
ततः there upon, निशाचराः night ranger, तृप्तःइति satisfied in that way, ज्ञात्वा realizing, समुत्पेतुः got up, एनम् all of them, शिरोभिः heads bent down, प्रणम्य greeting, सर्वतः all, पर्यवारयन् surrounded.
M N Dutt
And concluding that he was replete, the nightrangers came up; and bowing down their heads stood circling him on all sides.
Summary
There upon the night rangers realizing that he got up, came before him, and greeted him with heads bent down.
पदच्छेदः
| ततस्तृप्त | ततस् (अव्ययः)–तृप्त (√तृप् + क्त, १.१) |
| इति | इति (अव्ययः) |
| ज्ञात्वा | ज्ञात्वा (√ज्ञा + क्त्वा) |
| समुत्पेतुर् | समुत्पेतुः (√समुत्-पत् लिट् प्र.पु. बहु.) |
| निशाचराः | निशाचर (१.३) |
| शिरोभिश्च | शिरस् (३.३)–च (अव्ययः) |
| प्रणम्यैनं | प्रणम्य (√प्र-नम् + ल्यप्)–एनद् (२.१) |
| सर्वतः | सर्वतस् (अव्ययः) |
| पर्यवारयन् | पर्यवारयन् (√परि-वारय् लङ् प्र.पु. बहु.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| त | त | स्तृ | प्त | इ | ति | ज्ञा | त्वा |
| स | मु | त्पे | तु | र्नि | शा | च | राः |
| शि | रो | भि | श्च | प्र | ण | म्यै | नं |
| स | र्व | तः | प | र्य | वा | र | यन् |