अन्वयः
सः he, नैरृतर्षभः bull of the south west, सर्वान् all, नैरृतान् south west, सान्त्वयामास soothed, बोधनात् awakened, विस्मितश्चापि astonished of his waking up, राक्षसान् Rakshasas, इदम् thus, अब्रवीत् spoke.
M N Dutt
That foremost of Naiſtas cheered all those Naiſtas: and surprised at his having been roused, spoke to the Rākşasas.
Summary
He, the bull among the south west region, astonished at his awakening, soothed, and spoke to all the Rakshasas in this way.
पदच्छेदः
| स | तद् (१.१) |
| सर्वान् | सर्व (२.३) |
| सान्त्वयामास | सान्त्वयामास (√सान्त्वय् प्र.पु. एक.) |
| नैरृतान्नैरृतर्षभः | नैरृत (२.३)–नैरृत–ऋषभ (१.१) |
| बोधनाद् | बोधन (५.१) |
| विस्मितश्चापि | विस्मित (√वि-स्मि + क्त, १.१)–च (अव्ययः)–अपि (अव्ययः) |
| राक्षसान् | राक्षस (२.३) |
| इदम् | इदम् (२.१) |
| अब्रवीत् | अब्रवीत् (√ब्रू लङ् प्र.पु. एक.) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| स | स | र्वा | न्सा | न्त्व | या | मा | स |
| नै | रृ | ता | न्नै | रृ | त | र्ष | भः |
| बो | ध | ना | द्वि | स्मि | त | श्चा | पि |
| रा | क्ष | सा | नि | द | म | ब्र | वीत् |