अन्वयः
अहम् I am, भवद्भिः by you, आदृत्य taken effort, किमर्थम् What for, प्रतिबोधितः made known, राज्ञः king, सुकुशलंकच्छित् hope he is fine, एष any, किम् why, भयम् fear of danger, न not.
M N Dutt
Why, being honoured, have I been awakened by you? Is it well with the king? Or has any fear : sprung up here?
Summary
"What have you done to wake me Hope King is fine and has no fear of danger"
पदच्छेदः
| किमर्थम् | किमर्थम् (अव्ययः) |
| अहम् | मद् (१.१) |
| आहत्य | आहत्य (√आ-हन् + ल्यप्) |
| भवद्भिः | भवत् (३.३) |
| प्रतिबोधितः | प्रतिबोधित (√प्रति-बोधय् + क्त, १.१) |
| कच्चित् | कश्चित् (१.१) |
| सुकुशलं | सु (अव्ययः)–कुशल (१.१) |
| राज्ञो | राजन् (६.१) |
| भयं | भय (१.१) |
| वा | वा (अव्ययः) |
| नेह | न (अव्ययः)–इह (अव्ययः) |
| किंचन | कश्चन (१.१) |
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|
| कि | म | र्थ | म | ह | मा | ह | त्य |
| भ | व | द्भिः | प्र | ति | बो | धि | तः |
| क | च्चि | त्सु | कु | श | लं | रा | ज्ञो |
| भ | यं | वा | ने | ह | किं | च | न |